सुप्रीम कोर्ट ने प्रौद्योगिकी और निजता में संतुलन की सिफारिश की
भोपाल [ महा मीडिया]
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रौद्योगिकी में तरक्की की वजह से आपराधिक प्रकरणों की जांच बहुत कठिन होती जा रही है और जांच एजेंसियों के लिए यह एक चुनौती बन गई है।कोर्ट ने कहा कि एक तरफ अगर एजेंसियां वैज्ञानिक तरीके से जांच नहीं करती हैं तो उन्हें कोर्ट और पीड़ित की फटकार सुननी पड़ती है और दूसरी तरफ अगर वह ऐसा करती हैं तो उन पर निजता के उल्लंघन का आरोप लगता है।प्रधान न्यायधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी. मोहना की बेंच ने एक मामले की सुनवाई करते हुए कहा "इसके बीच संतुलन बनाने की जरूरत है।"