म.प्र. में अफोर्डेबल हाउसिंग का दायरा 642 वर्गफीट करने की तैयारी
भोपाल [ महामीडिया] म.प्र. सरकार आमजन को सस्ते-किफायती घर की सुविधा देने, मिश्रित भूमि उपयोग व अफोर्डेबल हाउसिंग का दायरा बढ़ाने के लिए नियमों में बदलाव कर रही है।इसके तहत अब छोटे घरों का कमर्शियल उपयोग हो सकेगा जिससे यहां दुकान-ऑफिस खोलने की अनुमति मिल सकेगी। वहीं छोटे प्लॉटों पर दो से तीन मंजिला मकान भी बनाए जा सकेंगे। अफोर्डेबल हाउसिंग का दायरा 450 वर्गफीट से बढ़ाकर 642 वर्गफीट तक किया जाएगा। इन बदलावों का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है। नगर व ग्राम निवेश विभाग ने इस ड्राफ्ट को प्रकाशित कर लोगों से सुझाव आमंत्रित किए हैं। इन सुझावों पर विचार और जरूरी संशोधनों के बाद इसे अंतिम रूप से लागू किया जाएगा। मास्टर प्लान क्षेत्रों में तय भूमि उपयोग के साथ क्षेत्रों में सीमित व्यावसायिक व अन्य गतिविधियां बढ़ेंगी। मध्यमवर्गीय लोगों के लिए सस्ते व किफायती मकानों की उपलब्धता बढ़ने के साथ-साथ आकार बड़ा होने से अधिक सुविधाजनक बनेंगे। सरकार ने किफायती आवास परियोजनाओं के लिए फ्लोर एरिया रेशियो को बढ़ाकर 3 करने का प्रस्ताव रखा है। इसका मतलब है कि 1,000 वर्गफीट के प्लॉट पर अधिकतम 3,000 वर्गफीट तक निर्माण किया जा सकेगा। वर्तमान व्यवस्था में आमतौर पर प्लॉट क्षेत्रफल का केवल 1.25 से 1.5 गुना निर्माण ही स्वीकृत होता है।