आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल में आठ करोड़ का बीमा घोटाला

आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल में आठ करोड़ का बीमा घोटाला

भोपाल [ महामीडिया] आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस उज्जैन में  8 करोड़ रुपए के बीमा घोटाले का बड़ा खुलासा हुआ है । इस संगठित ठगी में बीमा एजेंट, पॉलिसी धारक, उनके नॉमिनी और पंचायत स्तर तक की मिलीभगत सामने आई है। मामले में सरपंच, सचिव और सहायक सचिव सहित करीब 40 लोगों के विरुद्ध केस दर्ज किया गया है। 3 सितंबर 2025 को मृत व्यक्तियों के नाम पर बीमा पॉलिसियां जारी किए जाने की शिकायत मिली थी। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पहले से गंभीर रूप से बीमार या मृत लोगों के नाम पर बीमा पॉलिसियां जारी करवाईं। इसके बाद फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कर बीमा क्लेम लगाया गया।पूरे मामले में सरपंच, सचिव और सहायक सचिव की भूमिका सामने आई जिन्होंने फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाकर ‘मौत’ दर्शाई और झूठे दस्तावेजों के आधार पर बीमा कंपनी में क्लेम प्रस्तुत किए। जांच के दौरान कुल 27 पॉलिसियों में गड़बड़ी मिली जिनमें से 19 मामलों में बीमारी छुपाकर पॉलिसी ली गई जबकि 8 मामलों में मृत व्यक्तियों के नाम पर पॉलिसी जारी कर क्लेम करने की कोशिश की गई। मामले में  21 नॉमिनी को भी आरोपी बनाया गया है। इनमें रामकन्या नवरंग, सरे कुंवर, गोकुल सिंह, अनिल, रेखा बाई, मुकेश सिंह चौहान, राधा मालवीय, गोपाल, प्रभा पाटीदार, अनिल भाटी, दिलीप गावरिया, विनोद, कैलाश हिरवे, शीतल, श्यामदास बैरागी, मुन्नी यादव, सुरेश जुझारे, मंजुदेवी राव, राधा देवी, सरफराज अहमद, सुधीर राठौर और ज्योति बाई शामिल हैं। सभी आरोपियों के विरुद्ध धारा 417  और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

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